सोमवार, 31 मई 2010

बापू जी आये सपने में.....और बोले...



बापूजी ने निभाया सपने मे दिया वचन!

गुजरात मे बलसाड़ है ,

वहा की एक बहेन ने बताया कि उस बहेन को संतान नही थी..

इसलिए वो बहेन बहोत दुखी रहती थी..

बार बार बापूजी को प्रार्थना करती तो एक दिन बापूजी ने सपने मे आकर कहा कि ६ जनवरी को बलसाड़ मे आना ,

तुमको प्रसाद दूंगा…तो ४,५,६ और ७ जनवरी को बलसाड़ मे बापूजी का सत्संग था…

वो बहेन ६ तारीख को बलसाड़ पहुंची ,

लेकिन बहोत भीड़ थी…तो बहेन ने सोचा बापूजी तो प्रसाद देनेवाले है इतनी भीड़ मे कैसे मिलेगा …

इसलिए वो बहेन जहा से बापूजी की गाड़ी आती जाती उस रास्ते मे खड़ी हो गयी..

वहा भी बहोत भीड़ थी…लेकिन जब बापूजी की कार उस बहेन के पास आई

तो कार रोक के बापूजी ने उस बहेन को प्रसाद दिया और ..

बापूजी बोले कि , “मिल गया प्रसाद..! वचन पुरा किया ना ?

अब निश्चिंत रहो..सब ठीक हो जाएगा..! “



वो बहेन अत्यंत प्रसन्न हो गयी …बिल्कुल घटित घटना है…!

जब भगवान मे श्रध्दा दृढ़ होती है तो भगवान दूर नही होते!

(सुरेशानंद जी महाराज एक प्यारासा भजन गा रहे है -”रूचि रूचि भोग लगाओ मेरे मोहन….”)

उस बहेन का सदगुरूदेव के प्रति गहरी श्रध्दा है,

भगवान से प्रेम है तो बापूजी का प्रसाद उसे मिला …

साधक की श्रध्दा प्रेम होता है तो भगवान का मार्गदर्शन जरुर मिलता ही है..!

------------------------------------------
suresh bapji k satsang se......28/10/2007
-------------------------------------------

वाह मेरे बापू .....आपकी लीला निराली..

हमे तो है आप पर भरोसा.......

दुनिया को हो न हो....

हमे दुनिया से मतलब नही...

हमे तो मोहब्बत है आपसे.....

हमे दुनिया से क्या लेना देना ......

जो भरोसा करेगा मेरे बापू पे.....

वो अपनी जिन्दगी बनाएगा....

और जो न करेगा ....वो अपना समय गवायेगा ...

इसलिए विनती है हाथ जोर के.....

एक बार आके देखो बापू के दर पे मालूम पर जायेगा आपको...

अर्जी हमारी है ....मर्ज़ी आपकी है

जय हो ...

हरिओम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्

1 टिप्पणी:

  1. mere bapu sabka khayal rakhte hain..
    sukshma rup le kar ke aate hain...

    "nahi jana mathura kashi, mere bapu hain ghat ghat ke wasi, mere akhiyan to unke darshan ki pyasi"

    om om

    उत्तर देंहटाएं