1.माँ ने एक रोज़ मुझसे कहा था
करता चल सबसे राम राम
यश पायेगा दुनिया में तू
राम करेंगे तेरे सब काम .....
2.खुद के लिए सब जीते है
तू ओरो के हित अब जी ले
अमृत चाएगी ये दुनिया
तू दुनिया भर का विष पीले
3.जिसने जग का विष पि डाला
शंकर वाही बना अभिराम
माँ ने मुझसे एक रोज़ कहा था
करता चल सबसे राम राम ....
4. स्वर्ग एक कल्पना मन की
पा सकता है अपने अन्दर
जिस दिन जीतेगा तू खुद को
बन जायेगा पूर्ण सिकंदर .......
5.मेरी गोद में है सब पगले
जो तू ढूंढे सुबहो-शाम
यश पायेगा दुनिया में तू
राम करेंगे तेरे सब काम .....
6.इश्वर को उसने ही पाया
जिसने मुझको देखा जग में
माँ की ऊँगली पकर चला जो
कभी नही भटका वो मग में .....
7.चलना ही जीवन है पगले ....
चल गंगा-जल सा अविराम
यश पायेगा तू दुनिया में
राम करेंगे तेरे सब काम .....
hariom...........4-5-2010
Sadho-Sadho
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